सरसों और गेहू की कटाई के बाद करें इन सब्जियों की खेती | 60 से 65 दिन में ही हो जाएगी कमाई शुरू

सरसों और गेहू की कटाई के बाद करें इन सब्जियों की खेती | 60 से 65 दिन में ही हो जाएगी कमाई शुरू

किसान साथियों, खेती के क्षेत्र में एक किसान का जीवन काफी मेहनत और समर्पण से जुड़ा होता है। कृषि ही वह रास्ता है, जो हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। लेकिन वर्तमान में, किसानों को खेती के लिए सही दिशा और तकनीकी जानकारी की सख्त जरूरत है, ताकि वे अपनी मेहनत का सही फल पा सकें। जब आपके पास सही जानकारी होती है, तो खेती से होने वाली आय में काफी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही, नए तरीके और फसलें अपनाकर आप अपनी ज़मीन की उर्वरक क्षमता भी बढ़ा सकते हैं। अब जब आपके खेतों में गेहूं, सरसों, आलू, या लहसुन की फसलें समाप्त हो चुकी हैं, तो अगला कदम क्या होना चाहिए? क्या आप जानते हैं कि ऐसी कई फसलें हैं, जो आप मार्च के आखिरी सप्ताह तक लगाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं और साथ ही इनसे आपके खेतों की उर्वरक शक्ति भी बढ़ेगी? इस रिपोर्ट में हम उन फसलों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे, जिन्हें आप इस समय पर अपने खेतों में लगा सकते हैं, और उनसे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। तो चलिए सरसों की कटाई के बाद कुछ महत्वपूर्ण और फायदेमंद सब्जियों की बुवाई के बारे में विस्तार से जानते हैं इस रिपोर्ट में।

1. मूंग की फसल

साथियों, मार्च के आखिरी सप्ताह में ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। मूंग एक ऐसी फसल है, जो सिर्फ 60 से 65 दिन में तैयार हो जाती है। यह न केवल किसानों के लिए एक अच्छा मुनाफा लाती है, बल्कि इससे खेत की उर्वरक शक्ति भी बढ़ती है। मूंग की जड़ें राइजोबियम बैक्टीरिया से भरपूर होती हैं, जो नाइट्रोजन का संरक्षण करती हैं और खेत में उस तत्व की कमी को पूरा करती हैं। जब आप मूंग की बुवाई करते हैं, तो आपको अच्छी गुणवत्ता के बीज का चुनाव करना होगा। इसके साथ ही, खेत की गहरी जुताई और सही तरीके से खाद का उपयोग भी महत्वपूर्ण है। एक एकड़ खेत में 20-25 किलो डीएपी, 200 किलो पोटाश, और 10 किलो बेंटोनाइट सल्फर डालना चाहिए। मूंग की फसल का समर्थन मूल्य भी बहुत अच्छा होता है, और यह एक ऐसी फसल है, जिसे आप बिना ज्यादा मेहनत किए कम समय में बेच सकते हैं।

2. उड़द की बुवाई

साथियों, भारत में दालों की हमेशा डिमांड रहती है, और खासकर उड़द की। उड़द की फसल की बुवाई इस समय पर करना एक अच्छा निर्णय हो सकता है, क्योंकि इसके लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। मूंग की तरह, उड़द भी जल्दी पकने वाली फसल है और इसकी कटाई के बाद आप इसे अच्छे दामों पर बेच सकते हैं। उड़द की खेती से एक अच्छी खासियत यह है कि इसकी डिमांड पूरे साल बनी रहती है। इसकी बाजार में कोई कमी नहीं होती, जो कि इसे एक सुरक्षित विकल्प बनाता है। इसे आप मूंग के साथ मिला कर भी उगा सकते हैं, जिससे आपके खेत की ज़मीन का सही उपयोग हो सके।

3. हरी मिर्ची

दोस्तों, हरी मिर्ची का बाजार हमेशा सक्रिय रहता है। अगर आपने जनवरी में हरी मिर्ची की बुवाई की है, तो अप्रैल तक आपको इसकी कटाई शुरू हो जाएगी। और यदि आप मार्च में मिर्च की खेती करते हैं तो इस समय हरी मिर्ची के दाम अच्छे रहते हैं और बाजार में इसकी खपत भी लगातार बनी रहती है। इसके अलावा हरी मिर्ची की खासियत यह है कि इसके उत्पादन में बढ़ोतरी बरसात के दौरान होती है। जून-जुलाई में जब हरी मिर्ची की आपूर्ति कम हो जाती है, तो आपकी फसल का उत्पादन बढ़ने लगता है। इस समय के दौरान, हरी मिर्ची के दाम 20 रुपए प्रति किलो से लेकर 30 रुपये प्रति किलो तक थोक भाव हो सकते हैं, जो किसानों के लिए अच्छा मुनाफा देने वाले होते हैं।

4. भिंडी की फसल

साथियों, अगर आपके पास अच्छा खेत है, तो भिंडी की बुवाई इस समय पर करना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। भिंडी की फसल आपको लगातार 6 महीने तक उत्पादन देती है, जिससे आप समय-समय पर अच्छे दामों पर इसे बेच सकते हैं। इसकी खासियत यह है कि यह गर्मी में अच्छी तरह से उगती है और बरसात के मौसम में भी अच्छी खासी कमाई दे सकती है। भिंडी के रेट, भले ही शुरुआती समय में कम हो, लेकिन जैसे-जैसे फसल बढ़ेगी, इसके दाम भी बढ़ जाएंगे। भिंडी की तुड़ाई आसान होती है, और इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता है।

5. करेला

दोस्तों, करेला एक ऐसी फसल है, जिसकी बाजार में हमेशा डिमांड रहती है। इसका रेट शुरुआत में थोड़े कम हो सकता है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतेगा, इसके दाम बढ़ते जाएंगे। इस समय करेला सबसे महंगा बिकता है, और इसके साथ ही इसकी लागत भी अन्य सब्जियों की तुलना में काफी कम होती है। करेला की खेती के लिए आप इंटरक्रॉपिंग का तरीका अपना सकते हैं, जैसे कि प्याज के साथ करेला लगाना। इस तरह, दोनों फसलों से फायदा होगा। इसके अलावा, करेला की बेलें आसानी से फैलती हैं और आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। इसकी खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे आप लंबे समय तक बेच सकते हैं।

6. ग्वारफली

ग्वारफली एक ऐसी फसल है, जो बेहद कम खर्च में उगाई जा सकती है। इसकी डिमांड हर मंडी में लगातार बढ़ती जा रही है, और इसकी तुड़ाई भी काफी आसान होती है। ग्वारफली का उत्पादन अन्य फसलों की तुलना में अधिक होता है, और इसके दाम भी साल भर समान रहते हैं। आप ग्वारफली को छोटे क्षेत्र में भी उगा सकते हैं, क्योंकि इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा, ग्वारफली का बाजार भाव कभी ₹1 किलो से नीचे नहीं जाता, जो इसे एक अच्छा निवेश बनाता है।

7. बैंगन की बुवाई

बैंगन की खेती मार्च में करने से आपको इसका उत्पादन पूरे साल मिलेगा। इस फसल में आपको थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी, खासकर बोरर की समस्या को नियंत्रित करने के लिए। बैंगन की तुड़ाई के समय इसके दाम बढ़ जाते हैं, जिससे आपको अच्छा मुनाफा हो सकता है। बैंगन की खेती के लिए मिट्टी की अच्छी तैयारी और कीट नियंत्रण जरूरी है। अगर आप सही तरीके से बैंगन की खेती करते हैं, तो इससे आपको एक साल तक उत्पादन मिलता रहेगा।

8. देसी टींडसी

दोस्तों, देसी टींडसी की फसल सबसे महंगी बिकने वाली सब्जियों में से एक है। इस फसल की खेती से आपको एक अच्छा रिटर्न मिल सकता है, खासकर यदि आपके खेत अच्छे हैं और आपने सही प्रकार की खाद का इस्तेमाल किया है। इसके बाजार में दाम शुरू में थोड़े कम हो सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आपूर्ति कम होगी, दाम बढ़ सकते हैं। यह फसल काफी लंबी अवधि तक बिकती रहती है, जिससे आपको अच्छी खासी कमाई होती है।

नोट: रिपोर्ट में दी गई सभी जानकारी किसानों के निजी अनुभव और इंटरनेट पर मौजूद सार्वजनिक स्रोतों से इकट्ठा की गई है। संबंधित किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृषि विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।

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