You are currently viewing सरसों, बिनौला खल, अरंडी तेल और देसी घी मार्किट की तेजी-मंदी रिपोर्ट

सरसों, बिनौला खल, अरंडी तेल और देसी घी मार्किट की तेजी-मंदी रिपोर्ट

सरसों, बिनौला खल, अरंडी तेल और देसी घी मार्किट की तेजी-मंदी रिपोर्ट

सरसों मंदा नहीं

घटे भाव पर बिकवाली कमजोर होने के कारण तेल मिलों की मांग से लारेंस रोड पर सरसों के भाव 50 रुपए बढ़कर 5100/5150 रुपए प्रति क्विटल हो गये। नजफगढ़ में सरसों के भाव लूज 4600/4800 रुपए प्रति कुंटल बोले गए। देश की विभिन्न मंडियों में सरसों की आवक 7.5 लाख बोरी की रही। आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरसों की कीमतों में मंदे की उम्मीद नहीं है

बिनौला खल

ठहराव की उम्मीद पशु आहार वालों की मांग निकलने से आपूर्ति बढ़ने घटने से बिनौला खल के भाव 50 रुपए बढ़कर 3200/3400 रुपए प्रति कुंतल हो गए। पंजाब की मंडियों में बिनौला खल के भाव 3550/3600 रुपए प्रति क्विटल बोले गए। भटिंडा मंडी में बिकवाली कमजोर होने से बिनौला की कीमतें पूर्व स्तर पर टिकी रही। बिनौले में मजबूती का रुख होने एवं मांग को देखते हुए इसमें मंदे की संभावना नहीं है

गेहू की कीमत में सुधार

गेहूं की कीमतों में आया मामूली सुधार दिल्ली 5 रुपए बढ़कर 2285 रुपए पहुंचा। नजफगढ़ गेहूं 2150, नरेला 2100-2250 रुपए पर स्थिर गुजरात में गेहूं भावों में आई स्थिरता। इंदौर, मालवा गेहूं कल मामूली सुधरकर 1950/2150 रुपए पर बिका, लोक्वान, पूर्णा क्वालिटी में स्थिरता देखी गयी। ग्वालियर गेहूं 1 मई के मुकाबले 5 मई को 40-50 रुपए बढ़ा। राजस्थान की मंडियों में कल गेहूं में मामूली गिरावट देखी गयी। उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं में आया मिल व बेस्ट क्वालिटी देखी गयी। सुधार शाहजहांपुर गेहूं 3 मई के मुकाबले 5 मई को 10 रुपए बढ़कर 2131 पहुंचा, 1 मई को 2140 के स्तर पर बिका था। परन्तु अन्य मंडी जैसे इटावा, एटा, मैनपुरी, अलीगढ़ में गिरावट

अरंडी तेल : मंदा नहीं

पेंट निर्माताओं की मांग कमजोर होने के कारण अरंडी तेल के भाव 100 रुपए घटकर 13300 / 13400 रुपए प्रति क्विटल रह गए। गुजरात की मंडियों में इसके भाव 12700 रुपए प्रति कुंतल बोले गए। राजस्थान की मंडियों में मांग घटने से आरंडी की कीमतों में मंदे का रुख रही सप्लाई व मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में इसमें ओर मंदे की संभावना नहीं है। बाजार सीमित उतार चढ़ाव के बीच घूमता सकता है

देसी घी- प्लांटों में माल की कमी

देसी घी की बिक्री सुधरने से पिछले 5-6 दिनों में 150/200 रुपए प्रति टीन की तेजी जरूर आ गई है, लेकिन वर्तमान भाव में कंपनियां ज्यादा माल नहीं दे रही हैं। मिलावटी माल जरूर मंदे भाव के बिक रहे हैं, जिससे मंडियों में बढ़िया देसी घी के भाव भी कंपनियों की अपेक्षा 200/300 रुपये नीचे भाव में जहां जिसको मौका लग रहा है, ट्रेडर्स घटाकर बेच रहा है। आने वाले समय में फैट्स की कमी होने वाली है। देसी घी भी स्टॉक में ज्यादा नहीं है, जिससे बाजार तेज ही रहेगा

Leave a Reply