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खेती से लाखों कमाने हैं तो जरूर देखें ये आईडीया

खेती से लाखों कमाने हैं तो जरूर देखें ये आईडीया
किसान साथियो भारतीय बाजारों में अब लोग लीक से हटकर खेती करने में रुचि दिखा रहे हैं। परम्परागत खेती को छोडकर यदि आप थोड़ी जमीन से ज्यादा लाभ कमाना चाहते हैं तो यह पोस्ट सिर्फ आपके लिए ही है। आज हम जिस खेती की बात कर रहें हैं वो है काले टमाटर की खेती। जी हां लाल टमाटर के बाद अब बाजार में काले टमाटर भी लोगों की पसंद बनने लगे हैं। काले टमाटर के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ता जा रहा है। इसकी वज़ह सिर्फ इसका रंग ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों से भरपूर होना है। बाजार में काले टमाटर की मांग दिनों दिन तेजी से बढ रही है। ऐसे में आप काले टमाटर की खेती करके बंपर कमाई कर सकते हैं

काले टमाटर की खेती एक बिजनेस की तरह ही है। यह एक ऐसा बिजनेस है, जो भारत में नया है। काले टमाटर की खेती (Indigo Rose Tomato Farming) के बारे में। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बाजार में लाल टमाटर के बाद काले टमाटर ने भी दस्तक दे दी है। टमाटर में अपनी एक अलग पहचान रखने वाले इस काले टमाटर को लोग हाथों हाथ ले रहे हैं। इस टमाटर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे कैंसर के इलाज में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा भी यह टमाटर कई अन्य बीमारियों से लड़ने में भी कारगर है।

आइए कुछ और जाने
दरअसल काले टमाटर को अंग्रेजी में इंडिगो रोज़ टोमेटो (Indigo Rose Tomato) कहा जाता है। इसकी शुरुआत सबसे पहले इंग्लैंड में हुई थी। इसकी खेती को इजात करने का श्रेय रे ब्राउन को जाता है। रे ब्राउन ने जेनेटिक म्यूटेशन के जरिए काले टमाटर को तैयार किया था। इंडिगो रोज रेड और बैंगनी टमाटर के बीजों को आपस में मिलाकर एक नया बीज तैयार किया गया। जिसमें हाइब्रिड टमाटर पैदा हुआ। अच्छी बात यह है कि अब भारत में भी काले टमाटर ( Black Tomato ) की खेती शुरू हो चुकी है। काले टमाटर को यूरोप के मार्केट में ‘सुपरफूड’ कहा जाता है।

वांछित जलवायु
इंग्लैंड की तरह ही भारत की जलवायु भी काले टमाटर के लिए भी उपयुक्त है। इसकी खेती भी लाल टमाटर की तरह ही की जाती है। इस टमाटर की खेती के लिए गरम जलवायु वाले क्षेत्र को सही माना जाता है। क्योंकि इस प्रजाति के पौध ठंडे स्थानों पर विकसित नहीं हो पाते हैं। खेत में जल निकासी का प्रबंधन होना बहुत जरूरी है। इसके अलावा जमीन का P.H. मान 6-7 के बीच होना उपयुक्त रहता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि काले टमाटर के पौधों में में लाल रंग के टमाटरों के मुकाबले काफी देर बाद पैदावार होना शुरू होती है।

बुवाई का समय
काले टमाटर की बुवाई करने सा सही समय जनवरी महीने का होता है। सर्दियों के जनवरी महीने में इसकी बुवाई कर दें। जिससे मार्च-अप्रैल तक आपको काला टमाटर मिल सके।

क्या है खासियत
काले टमाटर में लाल टमाटर के मुकाबले अधिक औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसकी खासियत यह है कि इसे लंबे समय तक ताजा रखा जा सकता है। अलग रंग और औषधिय गुण होने के कारण इसकी कीमत बाजार में लाल टमाटर के मुकाबले अधिक है। काले टमाटर को वजन कम करने से लेकर, शुगर लेवेल को कम करना, कोलेस्ट्रॉल घटाने तक में कारगर साबित पाया गया है। काला टमाटर बाहर से काला और अंदर से लाल होता है। इसको कच्चा खाने में न ज्यादा खट्टा है न ज्यादा मीठा, इसका स्वाद नमकीन जैसा है।

कमाई
जहां तक खर्चे की बात है काले टमाटर की खेती में करीब उतना ही खर्च आता है जितना कि लाल टमाटर की खेती में पैसा लगता है। काले टमाटर का सिर्फ बीज का थोड़ा महंगा रहता है। अगर सब ठीक ठाक रहे तो काले टमाटर की खेती में पूरा खर्चा निकालकर प्रति हेक्टेयर 4-5 लाख का मुनाफा हो सकता है। आप काले टमाटर की पैकिंग और ब्रांडिंग के जरिए मुनाफा और बढ़ा सकते हैं। इस तरह से आप लीक से हटकर खेती करके अपनी और अपने परिवार की जिन्दगी बेहतर बना सकते हैं।

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