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जीरा बना सोना

जीरा बना सोना | जीरा की तेजी मंदी रिपोर्ट

किसान साथियो पिछले कुछ हफ्तों से जीरे के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू हाजिर तथा वायदा बाजारों में जीरे की कीमतों में आज और उछाल आया । व्यापारिक सूत्रों ने बताया कि आवक तुलनात्मक रूप से नीची बनी होने तथा चीन की खरीद जारी रहने से जीरे में यह आया है। इसकी वजह से आने वाले दिनों में भी जीरे में तेजी आने की संभावना और प्रबल हो गई है।

स्थानीय थोक किराना बाजार में भी स्टॉकिस्टों की चौतरफा लिवाली से जीरा सामान्य 1200-1700 रुपए और उछलकर 44/45 हजार रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर जा पहुंचा। एक दिन पूर्व भी इसमें 1500 रुपए का उछाल आया था। व्यापारियों ने बताया कि ऊंझा तथा वायदा बाजार में उछाल आने की खबरों से बाजार की धारणा में प्रभावित हुई।

सटोरियों की चौतरफा लिवाली से एनसीडीईएक्स का सर्वाधिक सक्रिय मई जीरा वायदा भी 715 रुपए या 1.66 प्रतिशत और तेज होकर 43,760 रुपए पर पहुंच गया। बीते दिन इसमें 1300 रुपए का उछाल आया था।

ऊंझा मंडी में पिछले कुछ दिनों से जीरे की आवक तुलनात्मक रूप से नीची हो रही है। माना जा रहा था कि कीमत तेज होने के बाद इस प्रमुख किराना जिंस की आवक भी बढ़ेगी लेकिन एक दिन पूर्व आई उल्लेखनीय तेजी के बाद भी ऊंझा में आवक की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। ऊंझा स्थित व्यापारी जतिन पटेल ने बताया कि बीते कई दिनों से मंडी में जीरे की आवक 10-12 हजार बोरियों के निचले स्तर पर हो रही थी। इसकी वजह से मंडी में जीरे की उपलब्धता में कमी आती जा रही थी । उपलब्धता तुलनात्मक रूप से नीची होने तथा अपेक्षाकृत रूप से नीची कीमत पर चीन की मांग बनी होने से अचानक ही जीरे की थोक कीमत में उछाल आ गया। उन्होंने आगे बताया कि एक दिन पूर्व चीन ने भारतीय बाजार से जीरे की खरीद जरूर की है, लेकिन यह बहुत ज्यादा नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि निर्यातकों से प्राप्त संकेतों के अनुसार बीते दिन चीन ने ऊंझा मंडी से 20-25 कंटेनर जीरे की खरीद की है। इसके बाद भी चीन की खरीद जारी रही । उन्होंने बताया कि फिलहाल यह तो नहीं पता चला है कि चीन दूसरे दिन कितनी मात्रा में जीरा खरीदा है, लेकिन ऐसी सूचनाएं जरूर आ रही हैं कि उसने अच्छी मात्रा में खरीद की है। यह समाचार मिलते ही आज ऊंझा मंड़ी समेत देशभर के बाजारों में जीरे की कीमतों में उछाल आ गया। आवक तुलनात्मक रूप से नीची यानी 10-12 हजार बोरियों की ही होने तथा स्टॉकिस्टों की भारी लिवाली से ऊंझा मंड़ी में जीरा गणेश 400-450 रुपए उछलकर 8400 / 8500 रुपए प्रति 20 किलोग्राम के स्तर पर जा पहुंचा। इसके समर्थन में ‘जीएल गुलाब’ जीरा भी 8025 / 8050 रुपए प्रति 20 किलोग्राम पर 175/200 रुपए उछल गया । ऊंझा मंडी स्थित एक अन्य व्यापारी दीक्षित पटेल ने बताया कि बीते कई दिनों से आवक तुलनात्मक रूप से नीची होने तथा कीमत भी निचले स्तर पर बनी होने की वजह से आज बाजार में यह तेजी का रुख बना है। इसके अलावा विदेशों की भी कुछ खरीद बनी होने की चर्चा चल रही है । हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विदेशों के लिए कितनी मात्रा में जीरे के सौदे हुए हैं। उनकी खरीद किए जाने की केवल चर्चा ही सुनी जा रही है। घरेलू बाजारों में जीरे की तुलनात्मक रूप से ऊंची कीमत की वजह से इसके निर्यात पर नकारात्मक असर हुआ है । मसाला बोर्ड के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2022-23 की अप्रैल-जनवरी अवधि में देश से 3346.79 करोड़ रुपए मूल्य कुल 1 लाख 54 हजार 782 टन जीरे का निर्यात हुआ है । एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 1 लाख 88 हजार 428 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 2837.42 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इससे स्पष्ट है कि इस बार जीरे के मात्रात्मक निर्यात में जहां 18 प्रतिशत की कमी आई है, वहीं आय इतनी ही बढी है। व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि यदि आने वाले समय में भी बिक्री ऐसी ही बनी रहती है तो जीरे में और तेजी आने की संभावना है।

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