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बासमती चावल का रेट 10000 | जाने क्या सच्चाई | बासमती पर पक्की खबर

बासमती चावल का रेट 10000 | जाने क्या सच्चाई | बासमती पर पक्की खबर

बासमती के बाजर में चुप्पी
किसान साथियो काफी दिन हो चुके हैं जब से बासमती को लेकर कोई बड़ी अपडेट नहीं आयी है। बासमती में वेट एंड वाच की स्थिति बनी हुई है। बासमती धान चावल बाजार में मामूली उतार चढ़ाव के बीच लगभग स्थिर बना हुआ है। किसानों को इंतजार है कि जैसे ही ईरान का टेंडर खुलेगा बासमती में तेजी बनेगी । इसलिए वे अपना माल मंडियों में लेकर नहीं आ रहे हैं। व्यापरियों को भी इसी बात का इंतजार है इसलिए वे भी खरीद से पहले ईरान की अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। WhatsApp पर भाव पाने के लिए ग्रुप join करे

ईरान के टेंडर का क्या है स्टैटस
ईरान की सरकारी खरीद (Iran Basmati purchase Order) एजेंसी GTC द्वारा हाल ही में जारी एक लाख टन बासमती चावल खरीद करने का टैंडर अभी होल्ड ही चल रहा है। जिसके कारण बाजार में अचानक से आयी गर्मी पर ब्रेक सा लगता दिख रहा है। इसके अलावा दूसरी विदेशी कंपनियों की खरीद भी धीमी हो गई है। बासमती का बाजार ऐसा हो गया कि ईरान की ख़बर अगर WhatsApp पर भी चल जाती है तो भी बाजार में 20-30-50 रुपये की तेजी आ जाती है।

क्या चल रहे हैं बासमती चावल के भाव
मौजूदा समय में बासमती सेला में 1121 के रेट 8550, 1401 के रेट 8800-8900 और डीपी 9600-9700 रुपये प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रहे हैं। जबकि स्टीम में 1401 व 1121 का भाव 9500-9600, 1718 का 9400 और 1509 के रेट भी 9400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बने हुए हैं। किसान साथियो WhatsApp पर 2 दिन पहले खबर चली थी कि बासमती 1121 चावल का भाव 10000 के पार हो गया है। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंडी भाव टुडे के अपने भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार बासमती 1121 स्टीम के भाव 9750 के उपर नहीं गए है।

बासमती बाजार से बिकवाल गायब
बाजार के जानकारों का कहना है कि स्टाकिस्टों और मिलर्स के पास बचे सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में माल नहीं है। इसलिए बिकवाली बहुत सोच समझकर की जा रही है। यदि किसी के पास 1000 टन चावल है तो उसमें से 100 टन ही बेचा जा रहा है। अब तक 1401 व डीपी में व्यापार करने वाले हैफेड द्वारा अन्य फाइन क्वालिटी चावल की खरीद बढ़ाए जाने के समाचार है। बाजार के जानकार बताते हैं ईरान की ओर से टैंडर क्लीयर होने से भाव में फिर तेजी आ सकती है। उनका मानना है कि फिलहाल चावल में बड़ा मंदा आने की संभावना नहीं है। धान में इस साल किसानों को शानदार भाव मिला है। 1401 में तो 5500-5600 के भाव बनते देखे गए हैं। बासमती 30 का रेट तो 6300 के स्तर को भी पार कर गया था। यह भी पढ़ें :- वायदा करोबार अपडेट

बासमती का रकबा बढ़ेगा
एतिहासिक भाव मिलने के कारण अगले बुवाई सीज़न में उत्तर भारत के सात बासमती उत्पादक राज्यों में फसल का एरिया बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से पंजाब में धान का रकबा काफी बड़े स्तर पर बढ़ सकता है क्योंकि इस कपास सीजन में कपास की फसल ने किसानों को बहुत ज्यादा निराश किया है। गुलाबी सुंडी सफेद मच्छर आदि के हमलों से बड़े क्षेत्र में कपास की फसल 80 से 100 फीसदी तक नष्ट हो गई। इतना ही नहीं इस बार कपास का भाव भी पिछले साल की तुलना में काफी कमजोर रहा जिससे किसानों में निराशा बढ़ी है। पंजाब के कपास वाले जिलों में धान की खेती की तैयारी कर रहे हैं।

बासमती में कितना इंतजार सही
किसान साथियो अगर आपके पास बासमती धान रखा हुआ है और आपने अभी तक इंतजार कर लिया है तो ईरान से कोई कन्फर्म अपडेट आने तक आप इंतजार और कर सकते हैं। क्योंकि ईरान से मिले ऑर्डर के बाद अगर मिलों को और धान की जरूरत पड़ी तो मुँह मांगी कीमत मिलने की पूरी संभावना है। इसके विपरित अगर टेंडर मिलने में कोई गड़बड़ी होती है या टेन्डर कैंसल होता है तो भी एक दम से बड़ी मंदी आने की संभावना कम रहेगी। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि जिन किसानों ने अभी तक धान को रखा हुआ है वो बहुत मजबूत किसान साथियो हैं और वो किसी भी परिस्थिति में नीचे भाव पर अपना माल नहीं निकलेंगे। बाकी व्यापार अपने विवेक से करें।

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