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आज सोया, पाम, बिनौला, सरसों तेल में तेजी

आज सोया, पाम, बिनौला, सरसों तेल में तेजी

किसान साथियो विदेशी बाजारों में खाद्य तेलों में तेजी और भारत के सरसों के उत्पादक राज्यों में बरसात होने के कारण घरेलु बाजार में लगभग सभी तेलों में सुधार हुआ है। भारत सरकार द्वारा खाद्य तेलों की आयात मात्रा को बढ़ाने से पिछले कई दिनों से सोया तेल और पाम तेल के साथ-साथ सीपीओ भी सीमित दायरे में घूम रहे हैं। मलेशिया पाम तेल का निर्यात कमजोर होने के कारण पिछले सप्ताह बाजार में पाम तेल में बहुत ज्यादा गिरावट आ गई थी। लेकिन दूसरी तरफ इंडोनेशिया की सरकार ने पाम तेल के निर्यात नियमों को कठोर कर दिया है, जिस की वजह से बाजार में हल्का सा सुधार दिखाई दिया है। अमेरिका में सोयाबीन की फसल पर मौसम मेहरबान होने से सोया कंप्लेक्स पर दबाव है, लेकिन घरेलु मांग बनी रहने से बाजार में हल्का सुधार हुआ है। भारतीय किसानों ने घटे दाम को देखते हुए सोयाबीन की बिकवाली रोक दी जिससे भी बाजार सुधरा है। जानकारों का कहना है कि पिछले 3 महीने में खाद्य तेलों का आयात 50 लाख टन का स्तर छूने को है।

बता दे पिछले साल इसी समय में यह केवल 35 से 36 लाख टन था। इनमें सर्वाधिक आयात पाम और सूरजमुखी तेल में हुआ है। अब क्यों की पाम तेल का आयात घट सकता है, इसलिए इस तेल में हल्के सुधार की देखे जा सकते है। आने वाले दिनों में सोया तेल में भी मामूली सुधार हो सकता है, लेकिन दोनों तेलों में बड़ी तेजी की अम्भावना नहीं है। मौसम खराब होने और सरसों की नई फसल में देरी होने की आशंका से तेल मिलों ने सरसों खरीदी बढ़ाई है, जिससे सरसों तेल के भाव में हल्का सुधार हुआ है। जयपुर एक्सपेलर भाव 7 रुपए प्रति दस किलो सुधरकर 1250 रुपए के स्तर पर आ गया है। इस तेल में अभी और सुधार की गुंजाइश है। हालांकि बड़ी तेजी मानकर कारोबार नहीं करना चाहिए। सूरजमुखी तेल के आयात में वृद्धि हुई है, लेकिन घरेलु मांग भी निरंतर बनी हुई है, जिसके चलते इसका रिफाइन भाव लातूर 15 रुपए और एक्सपेलर भाव 20 रुपए प्रति दस किलो तक सुधरा है।

इस तेल में सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना है। मूंगफली की नई फसल की बिजाई बढ़ने से मूंगफली तेल पर हल्का दबाव दिखाई दिया है और राजकोट का भाव 1600 रुपए के स्तर पर स्थिर है। इस तेल में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। बाजार कुछ तेज हो सकता है। कपास की आवक कम होने और तेल मिलों की क्षमता से कहीं कम काम करने के कारण बिनौला तेल में 2 से 3 रुपए किलो तक की तेजी आई है। गुजरात के कड़ी में इसका भाव 20 रुपए सुधकर 1100 के स्तर पर आ गया है। इस तेल में कुछ और सुधार की संभावना है।

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