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क्या दिवाली से पहले सरसों बेचना जरूरी है | सरसों रखी हुई है तो ये रिपोर्ट जरूर देख लें

किसान साथियो पिछले 15 दिन में सरसों के बाजार में काफी उठापटक का माहौल देखने को मिल रहा है। सरसों तेल की घरेलू डिमांड सरसों के भाव को उपर की तरफ खींच रही है। यही कारण है कि पिछले 3-4 दिन से सरकारी दबाव से लेकर विदेशी बाजारों में गिरावट के बावजूद सरसों के भाव 6000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे नहीं गए हैं। हमारे बहुत सारे किसान भाई हैं जो इस समय सरसों का स्टॉक करके बैठे हुए हैं। वह अपनी सरसों बेचने के लिए दिवाली के त्यौहार का इंतजार कर रहे हैं। साथियों दिवाली की आने में 20 दिन का समय बचा है। इन 20 दिनों में सरसों के भाव में कितनी तेजी या मन्दी बन सकती है आज की रिपोर्ट में हम इसी मुद्दे का विश्लेषण करने वाले हैं। अगर आपने अभी तक सरसों को नहीं भेजा है तो आपके लिए यह रिपोर्ट देखना बेहद जरूरी है।

पूरे सप्ताह में क्या हुआ
किसान साथियो पिछले सप्ताह में बुधवार को जयपुर में कंडीशन 42% सरसों के भाव ने 6000 के स्तर को पार किया था। 6000 के भाव दिखते ही ठीक अगले दिन गुरुवार को बिकवाली का प्रेशर आया और भाव इस स्तर से फिसल कर 5975 हो गए। लेकिन शुक्रवार को त्यौहारी खरीद के चलते फिर से सरसों ने 6000 का स्तर छू लिया। उसके बाद से ही तीन-चार दिन गुजर चुके हैं जब सरसों के भाव में 6000 के स्तर को नहीं तोड़ा है। अगर सरसों ke भाव ने इसी स्तर को अगले 2-4 मेंटेन रखा तो फिर हमारा मानना है कि यह पॉजिटिव जोन में चला जाएगा।

ताजा मार्केट अपडेट
शनिवार के बाजार की बात करें तो त्यौहारी मांग के चलते सरसों के भाव के 6000 के स्तर को मेंटेन करने में सफल रहे। जयपुर में कंडीशन की सरसों के भाव 6,025 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर हो गए। भरतपुर मंडी में सरसों के भाव में मामूली तेजी दर्ज हुई और भाव 5632 रुपए प्रति क्विंटल पर बने रहे। अन्य मंडियों के भाव को देखें तो दिल्ली में लॉरेंस रोड पर सरसों का भाव 5700, चरखी दादरी में 5650, मुरैना में 5350, सिवानी में 5550, नागौर में 5200, हिन्डोन में 5665 और ग्वालियर में 5400 प्रति क्विंटल तक रहा । 6000 के भाव को देखते हुए किसानों ने सरसों की बिकवाली बढ़ा दी जिसके चलते सरसों की कुल आवक 5 लाख बोरी के उपर बनी रही।

प्लांटों पर तेजी
शनिवार के बाजार की खास बात यह रही कि शाम को सलोनी प्लांट पर सरसों भाव 50 रु प्रति क्विंटल तक बढ़ा। इसे एक पॉजिटिव संकेत माना जा सकता है। सलोनी प्लांट पर सरसों के भाव 6500 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। अन्य प्लांट में बीपी आगरा प्लांट पर सरसों का रेट 6150, शारदा प्लांट पर 6150 और गोयल कोटा प्लांट पर 5900 प्रति क्विंटल तक दर्ज किया गया।

हाजिर मंडियों में क्या रहे भाव
हाजिर मंडियों के ताजा भाव की बात करें तो राजस्थान की नोहर मंडी में सरसों का रेट 5500, संगरिया मंडी में सरसों का रेट 5300, रायसिंहनगर मंडी में सरसों का रेट 5378, पीलीबंगा मंडी में सरसों का भाव 5250, गोलूवाला मंडी में सरसों का रेट 5367, श्री करणपुर मंडी में सरसों का रेट 5389, गजसिंहपुर मंडी में सरसों का रेट 5130, श्री विजयनगर मंडी में सरसों का भाव 5315, अनूपगढ़ मंडी में सरसों का रेट 5340 और श्रीगंगानगर मंडी में सरसों का भाव 5499 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। हरियाणा की मंडियों की बात करें तो सिरसा मंडी में सरसों का भाव 5370, ऐलनाबाद मंडी में सरसों का रेट 5300, आदमपुर मंडी में 40.9 लैब सरसों का टॉप रेट 5401, बरवाला मंडी में सरसों का भाव 5325, रेवाड़ी में सरसों का रेट 5725 लैब 42, और हिसार मंडी में सरसों का भाव 5300 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा

विदेशी बाजारों की अपडेट
विश्व बाजार में खाद्वय तेलों की कीमतों में चालू सप्ताह में दाम तेज हुए। मलेशिया में पाम तेल की कीमतों में साप्ताहिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। मलेशिया में पाम तेल का जनवरी वायदा अनुबंध 3773 रिंगित प्रति टन पर बंद हुआ। 3800 के लेवल के नीचे रह जाने के कारण इसमें कोई बहुत बड़ी तेजी नजर नहीं आ रही है

तेल और खल रेट
किसान साथियो सरसों तेल के भाव में सुधार का सिलसिला लगातार जारी है। जयपुर में सरसों तेल कच्ची घानी और एक्सपेलर की कीमतों में शनिवार को तेजी दर्ज की गई। सरसों तेल कच्ची घानी तेल के भाव 6 रुपये तेज होकर दाम 1,087 रुपये प्रति 10 किलो हो गए, जबकि एक्सपेलर तेल के दाम भी 6 रुपये बढ़कर भाव 1,077 रुपये प्रति 10 किलो हो गए । शनिवार को सरसों खल के दाम पांच रुपये तेज होकर भाव 2985 रुपये प्रति क्विटल हो गए।

सरसों की बुवाई बढ़ी
कृषि मंत्रालय के अनुसार चालू रबी सीजन में 21 अक्टूबर तक सरसों की बुआई बढ़कर 12.71 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जोकि पिछले रबी सीजन की समान अवधि के 11.76 लाख हेक्टेयर से ज्यादा है। उत्पादक राज्यों में सरसों का बकाया स्टॉक अभी भी पिछले साल की तुलना में ज्यादा है, इसलिए दैनिक आवक बनी रहेगी।

सरसों में आगे क्या
किसान साथियों एक बात तो तय है की दिवाली से पहले सरसों में कोई बड़ी मंदी नहीं आ सकती। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल दिवाली के बाद से ही सरसों के भाव में भयंकर गिरावट शुरू हो गई थी। तो किसान साथियो मंडी भाव टुडे का यही मानना है कि किसानों को दिवाली से पहले सरसों को निकालने के बारे में सोचना चाहिए। सरसों निकालने से पहले या देखना जरूरी है कि दीवाली से पहले सरसों में कितनी तेजी और आ सकती है। नाफेड की बिकवाली को देखें तो 5609 रुपये की सबसे ऊंची बिड पास हुई है। हम मानते हैं कि खपत का सीजन होने के कारण आगामी दिनों में सरसों तेल की मांग में सुधार आएगा ही आएगा इसलिए और तेजी बननी चहिये लेकिन इसकी कीमतों में बड़ी तेजी, मंदी काफी हद तक आयातित खाद्वय तेलों की कीमतों पर ही निर्भर करेंगी । माहौल को देखते हुए कहा जा सकता है कि जयपुर सरसों के भाव ज्यादा से ज्यादा 6400 तक पहुंच सकते हैं। होने को तो कुछ भी हो सकता है भाव के इसके उपर जाने की सम्भव कम है। साथियो उपर दी गई जानकारी से आप खुद भी अंदाजा लगा सकते हैं कि सरसों के भाव में आगे क्या क्या हलचल हो सकती है। व्यापार अपने विवेक से करें।

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